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नंबर सिस्टम क्या है? – What is Number System in Hindi

परिचय

डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स Number System में किसी भी जानकारी को संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यह संख्याएं अलग-अलग नंबर सिस्टम (Number System) के रूप में होती हैं। कंप्यूटर और डिजिटल डिवाइस केवल बाइनरी नंबर सिस्टम को समझते हैं, लेकिन हमारे लिए उन्हें पढ़ना और समझना आसान बनाने के लिए विभिन्न नंबर सिस्टम का उपयोग किया जाता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि नंबर सिस्टम क्या होता है, इसके प्रकार, और प्रत्येक का उपयोग व उदाहरण

नंबर सिस्टम क्या है? (What is Number System in Hindi)

Number System वह प्रणाली है जिससे हम किसी संख्या को लिखते, पढ़ते और समझते हैं। डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में डेटा को विभिन्न नंबर फॉर्मेट में दर्शाया जाता है जैसे — बाइनरी, ऑक्टल, डेसिमल और हेक्साडेसिमल

नंबर सिस्टम के प्रकार (Types of Number System in Digital Electronics)

क्रमांकनाम (हिंदी में)नाम (English)बेस (Base)अंक (Digits)
1.दशमलव पद्धतिDecimal Number System100-9
2.बाइनरी पद्धतिBinary Number System20, 1
3.ऑक्टल पद्धतिOctal Number System80-7
4.हेक्साडेसिमल पद्धतिHexadecimal System160-9, A-F

दशमलव संख्या प्रणाली (Decimal Number System)

  • बेस: 10

  • अंक: 0 से 9 तक

  • प्रयोग: मनुष्यों द्वारा सामान्य गणना में

  • उदाहरण: 123, 456, 789

123 = (1×10²) + (2×10¹) + (3×10⁰)

बाइनरी संख्या प्रणाली (Binary Number System)

  • बेस: 2

  • अंक: केवल 0 और 1

  • प्रयोग: कंप्यूटर और डिजिटल डिवाइस में

  • उदाहरण: 1010, 1101

(1010)₂ = (1×2³) + (0×2²) + (1×2¹) + (0×2⁰) = 8 + 0 + 2 + 0 = 10 (Decimal)

ऑक्टल संख्या प्रणाली (Octal Number System)

  • बेस: 8

  • अंक: 0 से 7 तक

  • प्रयोग: बाइनरी को छोटे रूप में दर्शाने के लिए

  • उदाहरण: 345₈

(345)₈ = (3×8²) + (4×8¹) + (5×8⁰) = 192 + 32 + 5 = 229 (Decimal)

हेक्साडेसिमल संख्या प्रणाली (Hexadecimal Number System)

  • बेस: 16

  • अंक: 0-9 और A-F (जहाँ A=10, B=11, …, F=15)

  • प्रयोग: कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, मेमोरी एड्रेसिंग

  • उदाहरण: 2F₁₆

(2F)₁₆ = (2×16¹) + (15×16⁰) = 32 + 15 = 47 (Decimal)

सभी Number System का तुलनात्मक उदाहरण

DecimalBinaryOctalHexadecimal
10101012A
15111117F
3111111371F
25511111111377FF

एक नंबर सिस्टम को दूसरे में बदलना कैसे होता है?

  1. Decimal to Binary: भाग देने की विधि से
    उदाहरण: 10 → 1010

  2. Binary to Decimal: पावर जोड़ कर
    उदाहरण: 110 → 6

  3. Binary to Octal: 3 बिट के समूह में बदलकर
    उदाहरण: 110110 → (110)(110) = 66₈

  4. Binary to Hexadecimal: 4 बिट के समूह में बदलकर
    उदाहरण: 11110000 → F0₁₆

(यदि आप चाहें तो मैं पूरा कन्वर्ज़न टेबल और स्टेप-बाय-स्टेप गाइड भी दे सकता हूँ)

निष्कर्ष

नंबर सिस्टम डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स का मूल आधार है। कंप्यूटर केवल बाइनरी (0 और 1) को समझता है, लेकिन मनुष्यों के लिए संख्याओं को पढ़ने और इंटरप्रेट करने के लिए हम ऑक्टल, डेसिमल और हेक्साडेसिमल का भी उपयोग करते हैं।

यदि आप कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स या डिजिटल लॉजिक डिजाइनिंग सीख रहे हैं, तो इन सभी नंबर सिस्टम को समझना अत्यंत आवश्यक है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. कंप्यूटर कौन-सी संख्या प्रणाली का उपयोग करता है?

Ans- कंप्यूटर बाइनरी संख्या प्रणाली (Binary Number System) का उपयोग करता है।

Q2. हेक्साडेसिमल का प्रयोग कहाँ होता है?

Ans- प्रोग्रामिंग और मेमोरी एड्रेसिंग में।

Q3. क्या नंबर सिस्टम को एक-दूसरे में बदला जा सकता है?

Ans- हाँ, सभी नंबर सिस्टम आपस में बदले जा सकते हैं।

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