परिचय
डिजिटल सिग्नल में सभी जानकारी बाइनरी (Binary) फॉर्म यानी 0 और 1 में होती है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि यह 0 और 1 वोल्टेज के हिसाब से कैसे तय होते हैं?
इसी को समझने के लिए दो लॉजिक सिस्टम होते हैं:
पॉज़िटिव लॉजिक (Positive Logic)
नेगेटिव लॉजिक (Negative Logic)
आइए विस्तार से समझते हैं कि ये दोनों लॉजिक क्या होते हैं, कैसे काम करते हैं, और इनमें क्या अंतर है।
डिजिटल लॉजिक क्या है? (What is Digital Logic)
डिजिटल लॉजिक उस नियम को कहते हैं जो यह निर्धारित करता है कि:
Logic “1” (High) का अर्थ क्या होगा?
Logic “0” (Low) का अर्थ क्या होगा?
यह नियम इस बात पर आधारित होता है कि वोल्टेज के कौन-से स्तर को “1” और “0” माना जाए।
1. पॉज़िटिव लॉजिक (Positive Logic)
पॉज़िटिव लॉजिक वह प्रणाली है जिसमें:
लॉजिक स्तर | वोल्टेज |
---|---|
Logic “1” | High वोल्टेज (जैसे +5V) |
Logic “0” | Low वोल्टेज (जैसे 0V) |
ग्राफिकल उदाहरण:
जहाँ High = 1, Low = 0
उपयोग:
सामान्य डिजिटल सर्किट
माइक्रोप्रोसेसर और डिजिटल लॉजिक गेट्स
2. नेगेटिव लॉजिक (Negative Logic)
नेगेटिव लॉजिक वह प्रणाली है जिसमें:
लॉजिक स्तर | वोल्टेज |
---|---|
Logic “1” | Low वोल्टेज (जैसे 0V) |
Logic “0” | High वोल्टेज (जैसे +5V) |
उपयोग:
विशेष प्रकार के इन्वर्टेड डिजिटल सर्किट
लॉजिक सेंसिंग में
पॉज़िटिव लॉजिक vs नेगेटिव लॉजिक
तुलना बिंदु | पॉज़िटिव लॉजिक | नेगेटिव लॉजिक |
---|---|---|
High वोल्टेज अर्थ | Logic “1” | Logic “0” |
Low वोल्टेज अर्थ | Logic “0” | Logic “1” |
उपयोग | सामान्य डिजिटल सर्किट | विशेष डिजाइन, इन्वर्टर गेट्स |
समझने में सरलता | अधिक | कम |
डिजिटल लॉजिक के प्रकार (Types of Digital Logic Systems)
प्रकार | विवरण |
---|---|
Combinational Logic | आउटपुट केवल वर्तमान इनपुट पर निर्भर करता है। जैसे AND, OR, NOT |
Sequential Logic | आउटपुट वर्तमान इनपुट और पिछली स्थिति पर निर्भर करता है। जैसे Flip-Flop |
Positive Logic System | High वोल्टेज = 1 |
Negative Logic System | Low वोल्टेज = 1 |
Static Logic | एक ही वोल्टेज लेवल पर काम करता है |
Dynamic Logic | वोल्टेज में समय के साथ परिवर्तन होता है |
उदाहरण (Examples)
पॉज़िटिव लॉजिक सर्किट:
TTL (Transistor-Transistor Logic)
CMOS Gates
नेगेटिव लॉजिक सर्किट:
Inverted Logic Flip-Flop
Relay Control सर्किट में कई बार प्रयोग
निष्कर्ष (Conclusion)
डिजिटल सिग्नल की दुनिया में पॉज़िटिव और नेगेटिव लॉजिक यह निर्धारित करते हैं कि वोल्टेज के कौन से स्तर को “1” या “0” माना जाए।
सामान्य रूप से पॉज़िटिव लॉजिक का अधिक उपयोग होता है क्योंकि यह सहज और समझने में आसान है, लेकिन कुछ विशेष सर्किटों में नेगेटिव लॉजिक की भी जरूरत पड़ती है।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. पॉज़िटिव लॉजिक में “1” का क्या अर्थ है?
High वोल्टेज (जैसे +5V)
Q2. नेगेटिव लॉजिक क्यों उपयोग किया जाता है?
जब सर्किट डिजाइन में उल्टा नियंत्रण आवश्यक हो या हार्डवेयर डिजाइन ऐसे हो।
Q3. क्या दोनों लॉजिक एक ही सिस्टम में काम कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन carefully इंटरफेस करना पड़ता है।