ADGP : Additional Director General of Police 

पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण पद होते हैं, जिनमें से एक ADGP यानी Additional Director General of Police है। यह रैंक पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों में से एक है। इस आर्टिकल में हम ADGP की भूमिका, जिम्मेदारियां और इससे संबंधित अन्य पहलुओं को विस्तार से जानेंगे।  

ADGP का मतलब क्या है?

ADGP का फुल फॉर्म – Additional Director General of Police है। 

यह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारियों में आता है। ADGP का कार्यक्षेत्र मुख्यतः एक राज्य या क्षेत्र में पुलिस बल की देखरेख और संचालन से जुड़ा होता है।  

ADGP की जिम्मेदारियां

1.कानून और व्यवस्था बनाए रखना:

ADGP राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं।  

2.क्राइम कंट्रोल:

अपराधों की जांच, निगरानी और अपराध दर को कम करने के लिए योजना बनाना।  

3.नीतियों का कार्यान्वयन:

 पुलिस विभाग की नीतियों और योजनाओं को लागू करना।

4.अधीनस्थ अधिकारियों की देखरेख:

  IG, DIG, और अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली की निगरानी करना।

ADGP कैसे बनें?

ADGP बनने के लिए उम्मीदवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल होना पड़ता है। यह रैंक वर्षों के अनुभव और उत्कृष्ट सेवा के बाद प्रमोशन के जरिए हासिल की जाती है।  

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ADGP और DGP में अंतर

DGP (Director General of Police) राज्य पुलिस का सर्वोच्च अधिकारी होता है। ADGP and DGP के बाद दूसरी सबसे उच्च रैंक है।  

निष्कर्ष

ADGP का पद पुलिस विभाग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रैंक न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ी है, बल्कि समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी अहम योगदान देती है।  

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